nichhawar jis pe maine zindagi kii | निछावर जिस पे मैंने ज़िंदगी की

  - SALIM RAZA REWA
निछावरजिसपेमैंनेज़िंदगीकी
उसेपर्वानहींमेरीख़ुशीकी
समझताहीनहींजोदर्दमेरा
निगाहोंनेउसीकीबंदगीकी
वहीइकशख़्सजोकुछभीनहींहै
हरइकमुश्किलमेंउसनेरहबरीकी
उसीकारंगहैमेरेसुख़नमें
उसीसेआबरूहैशा'इरीकी
उजालेगिरपड़ेक़दमोंपेआकर
अँधेरोंसेजोमैंनेदोस्तीकी
उसेपागलबनाडालाकिसीने
कभीजोआबरूथीइसगलीकी
हरइकज़र्रेकाजोख़ालिकहैयारो
इबादतकररहाहूँमैंउसीकी
  - SALIM RAZA REWA
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