naaz-o-ada se mujhko lubhaane lage hain vo | नाज़-ओ-अदास मुझको लुभाने लगे हैं वो

  - SALIM RAZA REWA
नाज़-ओ-अदासमुझकोलुभानेलगेहैंवो
दिलमेंचराग़-ए-इश्क़जलानेलगेहैंवो
येइश्क़हैजुनूँहैशरारतहैयामज़ाक़
लिखलिखकेमेरानाममिटानेलगेहैवो
जबतीरगीसीछानेलगीबज़्म-ए-नाज़में
ज़ुल्फ़ेंरुख़-ए-हसींसेहटानेलगेहैंवो
अबप्यारकायक़ीनसाहोनेलगामुझे
शरमाकेमुझसेेनज़रेंचुरानेलगेहैंवो
उँगलीपकड़केचलनासिखायाहूँमैंजिन्हें
अबसाथमेराछोड़केजानेलगेहैंवो
  - SALIM RAZA REWA
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