itni qurbat bhi nahin theek hai ab yaar ke saath | इतनी क़ुर्बत भी नहीं ठीक है अब यार के साथ

  - Saleem Siddiqui
इतनीक़ुर्बतभीनहींठीकहैअबयारकेसाथ
ज़ख़्मखाजाओगेखेलोगेजोतलवारकेसाथ
एकआहटभीमिरेघरसेउभरतीहैअगर
लोगकानअपनेलगालेतेहैंदीवारकेसाथ
पाँवसाकितहैंमगरघूमरहीहैदुनिया
ज़िंदगीठहरीहुईलगतीहैरफ़्तारकेसाथ
एकजलताहुआआँसूमिरीआँखोंसेगिरा
बेड़ियाँटूटगईंज़ुल्मकीझंकारकेसाथ
कलभीअनमोलथामैंआजभीअनमोलहूँमैं
घटतीबढ़तीनहींक़ीमतमिरीबाज़ारकेसाथ
कज-कुलाहीपेमग़रूरहुआकरइतना
सरउतरआतेहैंशाहोंकेभीदस्तारकेसाथ
कौनसाजुर्मख़ुदाजानेहुआहैसाबित
मशवरेकरताहैमुंसिफ़जोगुनहगारकेसाथ
शहरभरकोमैंमुयस्सरहूँसिवाएउसके
जिसकीदीवारलगीहैमिरीदीवारकेसाथ
  - Saleem Siddiqui
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