वोचेहरेजोथेहुस्नकेतूफ़ानकीतरह
कमरोंमेंचुपहैंकाग़ज़ीगुल-दानकीतरह
येचाँदयेबहारकीरातेंगवाहहैं
हमअबभीअपनेघरमेंहैंमेहमानकीतरह
बे-शकहुज़ूरआपख़ुदाकीतरहरहें
जीनेकाहक़हमेंभीहैइंसानकीतरह
मैंआजज़िंदगीकीकड़ीमंज़िलोंमेंहूँ
ख़ुदकहरहाहूँमिलिएतोअंजानकीतरह
पहलेगुमानयेथाकिमैंख़ुदहूँराज़-ए-ज़ीस्त
अबफिररहाहूँशहरमेंनादानकीतरह
लाओमैंउसकोसाग़र-ए-दिलमेंसँभाललूँ
बोतलमेंइकपरीहैमिरीजानकीतरह
ग़ालिबकेशहरशाहिद-ओ-नग़्मामेंहमसलाम
बिखरेपड़ेहैं'मीर'केदीवानकीतरह