जबगिरेज़ुल्फ़तोफिरउसकोसँभालाजाए
यूँँनिगाहोंकाभरमदिलमेंउताराजाए
लबतोमजबूरहैंख़ामोशरहाकरतेहैं
सोचताहूँउसेनज़रोंसेपुकाराजाए
तुमनेजातेहुएकुछऐसीकहीथींबातें
जोकिदिलचीरदेंऔरसीनेमेंभालाजाए
‘ऐश-ओ-आरामनहींअहल-ए-करमफ़िक्रकरें
चीख़तेलोगोंकेभीमुँहमेंनिवालाजाए
उसनेबस्तीकोहक़ारतकीनज़रसेदेखा
उसकोतोहफ़ेमेंदियाफूलभीकालाजाए