क्या क्या करना पड़ता होगा उसकी याद में आने को

  - Saket Sharma
क्याक्याकरनापड़ताहोगाउसकीयादमेंआनेको
कितनीमुहब्बतकरनीपड़ेगीउससेेधोखाखानेको
चाहूँगरतोअबभीकरलूँवैसेउसकेदिलमेंघर
छोड़आयाहूँअबमैंलेकिनउसकेराज-घरानेको
जैसेमुझकोलगताहैउसकोभीलगताहोगाक्या
इतनाजोमैंडरजाताहूँउसकीझलकहीपानेको
बैठाहूँकमरेमेंकबसेअंदाज़ायेलगतानहीं
कितनाहुआनुक़सानहैमुझकोकितनाऔरहैआनेको
कैसेकैसेलोगहैंदेखोमुझसेेजलतेफिरतेहैं
येभीतबजबमेरेपासनहींहैकुछमुस्कानेको
अबवोख़ुदसेभीजाएक्याहीकरलेगा'साकेत'
छोड़ोउसकेक़िस्सेयारोरातहुईअबजानेको
  - Saket Sharma
Share

profile-whatsappprofile-twitterprofile-fbprofile-copy