sitaare yuñ shaam-o-sehar dekhte hain | सितारे यूँँ शाम-ओ-सहर देखते हैं

  - shahnawaaz khan
सितारेयूँँशाम-ओ-सहरदेखतेहैं
नज़ारेज्यूँँअहल-ए-नज़रदेखतेहैं
रहाकबनशेमनयेयादोंसेख़ाली
तुम्हेंदेखतेहैंजिधरदेखतेहैं
सबाजबकभीचलतीहैतुझकोछूकर
गुलिस्ताँमेंतेराअसरदेखतेहैं
सुकूनतथीजिनकीयेआँखेंहमारी
जानेवोकिसकीनज़रदेखतेहैं
आनेकोवापसतोतूजाचुकाहै
मगरराहयेबाम-ओ-दरदेखतेहैं
  - shahnawaaz khan
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