दिलोंकोतोड़नेवालोतुम्हेंकिसीसेक्या
मिलोतोआँखचुरालोतुम्हेंकिसीसेक्या
हमारीलग़्ज़िश-ए-पाकाख़यालक्यूँँहैतुम्हें
तुमअपनीचालसँभालोतुम्हेंकिसीसेक्या
चमककेऔरबढ़ाओमिरीसियह-बख़्ती
किसीकेघरकेउजालोतुम्हेंकिसीसेक्या
नज़रबचाकेगुज़रजाओमेरीतुर्बतसे
किसीपेख़ाकनडालोतुम्हेंकिसीसेक्या
मुझेख़ुदअपनीनज़रमेंबनाकेबेगाना
जहाँकोअपनाबनालोतुम्हेंकिसीसेक्या
क़रीब-ए-नज़अ'भीक्यूँँचैनलेसकेकोई
नक़ाबरुख़सेउठालोतुम्हेंकिसीसेक्या