तंगआचुकेहैंकशमकश-ए-ज़िंदगीसेहम
ठुकरानदेंजहाँकोकहींबे-दिलीसेहम
मायूसी-ए-मआल-ए-मोहब्बतनपूछिए
अपनोंसेपेशआएहैंबेगानगीसेहम
लोआजहमनेतोड़दियारिश्ता-ए-उमीद
लोअबकभीगिलानकरेंगेकिसीसेहम
उभरेंगेएकबारअभीदिलकेवलवले
गोदबगएहैंबार-ए-ग़म-ए-ज़िंदगीसेहम
गरज़िंदगीमेंमिलगएफिरइत्तिफ़ाक़से
पूछेंगेअपनाहालतिरीबेबसीसेहम
अल्लाह-रेफ़रेब-ए-मशिय्यतकिआजतक
दुनियाकेज़ुल्मसहतेरहेख़ामुशीसेहम