सहर क़रीब है तारों का हाल क्या होगा

  - Sahba Akhtar
सहरक़रीबहैतारोंकाहालक्याहोगा
अबइंतिज़ारकेमारोंकाहालक्याहोगा
तिरीनिगाहनेज़ालिमकभीहैयेसोचा
तिरीनिगाहकेमारोंकाहालक्याहोगा
मुक़ाबलाहैतिरेहुस्नकाबहारोंसे
जानेआजबहारोंकाहालक्याहोगा
नक़ाबउनकाउलटनातोचाहताहूँमगर
बिगड़गएतोनज़ारोंकाहालक्याहोगा
मज़ाक़-ए-दीदही'सहबा'अगरबदलजाए
तोज़िंदगीकीबहारोंकाहालक्याहोगा
  - Sahba Akhtar
Share

profile-whatsappprofile-twitterprofile-fbprofile-copy