न दोस्ती से रहे और न दुश्मनी से रहे

  - Sahar Ansari
दोस्तीसेरहेऔरदुश्मनीसेरहे
हमेंतमामगिलेअपनीआगहीसेरहे
वोपासआएतोमौज़ू-ए-गुफ़्तुगूमिले
वोलौटजाएतोहरगुफ़्तुगूउसीसेरहे
हमअपनीराहचलेलोगअपनीराहचले
यहीसबबहैकिहमसरगिराँसभीसेरहे
वोगर्दिशेंहैंकिछुटजाएँख़ुदहीहाथसेहाथ
येज़िंदगीहोतोक्यारब्त-ए-जाँकिसीसेरहे
कभीमिलावोसर-ए-रहगुज़रतोमिलतेही
नज़रचुरानेलगाहमभीअजनबीसेरहे
गुदाज़-क़ल्बकहेकोईयाकिहरजाई
ख़ुलूस-ओ-दर्दकेरिश्तेयहाँसभीसेरहे
  - Sahar Ansari
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