एक वा'दा है किसी का जो वफ़ा होता नहीं

  - Saghar Siddiqui
एकवा'दाहैकिसीकाजोवफ़ाहोतानहीं
वर्नाइनतारोंभरीरातोंमेंक्याहोतानहीं
जीमेंआताहैउलटदेंउनकेचेहरेसेनक़ाब
हौसलाकरतेहैंलेकिनहौसलाहोतानहीं
शम्अजिसकीआबरूपरजानदेदेझूमकर
वोपतिंगाजलतोजाताहैफ़नाहोतानहीं
अबतोमुद्दतसेरह-ओ-रस्म-ए-नज़ाराबंदहै
अबतोउनकातूरपरभीसामनाहोतानहीं
हरशनावरकोनहींमिलतातलातुमसेख़िराज
हरसफ़ीनेकामुहाफ़िज़नाख़ुदाहोतानहीं
हरभिकारीपानहींसकतामक़ाम-ए-ख़्वाजगी
हरकस-ओ-ना-कसकोतेराग़मअताहोतानहीं
हाएयेबेगानगीअपनीनहींमुझकोख़बर
हाएयेआलमकितूदिलसेजुदाहोतानहीं
बारहादेखाहै'साग़र'रहगुज़ार-ए-इश्क़में
कारवाँकेसाथअक्सररहनुमाहोतानहीं
  - Saghar Siddiqui
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