प्याससदियोंकीहैलम्होंमेंबुझानाचाहे
इकज़मानातिरीआँखोंमेंसमानाचाहे
ऐसीलहरोंमेंनदीपारकीहसरतकिसको
अबतोजोआएयहाँडूबहीजानाचाहे
आजबिकनेसर-ए-बाज़ारमैंख़ुदआयाहूँ
क्यूँँमुझेकोईख़रीदारबनानाचाहे
मुझमेंऔरतुझमेंहैयेफ़र्क़तोअबभीक़ाइम
तूमुझेचाहेमगरतुझकोज़मानाचाहे
कभीइज़हार-ए-मोहब्बतकभीशिकवोंकेलिए
तुझसेमिलनेकाकोईरोज़बहानाचाहे
जिसकोछूनेसेमिराजिस्मसुलगउट्ठाथा
दिलफिरइकबारउसीछाँवमेंजानाचाहे
उसकेजज़्बातसेयूँँखेलरहाहूँ'साग़र'
जैसेपानीमेंकोईआगलगानाचाहे