"आख़िरी मोहब्बत"

  - Sagar Agrawal
"आख़िरीमोहब्बत"
शायदतुममेरीआख़िरीमोहब्बतहो
शायदतुम्हारेबादकिसीऔरकाग़मअपनेसीनेसेमैंलगासकूँ
शायदइसज़िन्दगीमेंअपनासाथजोलिखाथायहींतकथा
शायदतुम्हारेबालोंमेंअबफिरसेकोईगुलाबमैंसजासकूँ
मगर,मेरीहमराहमेरीहमदमसितारोंकेपारजोजहानहै
उसीजहानअबमुझसेेमिलनातुम
जोकिएथेहमनेवोसारेअहद-ए-वफ़ाकोतुमयादरखना
जोलिखेथेमैंनेतुम्हारेलिएकभी
उनसारेगीतोंकोतुमअपनेहोंठोंसेसजाएरखना
मैंतुमकोलेनेआऊँगाठीकउसीवक़्तमेंजबसूरजखूँकीकबाऍंओढ़ेदरियामेंनहाताहै
जबपरिंदोंकीकतारेंअपनेशहरकोलौटजातीहै
औरजबचाँदनीसितारोंकेपैरहनसेदुल्हनकीतरहसजाईजातीहै
उसवक़्ततुमअपनेछतपरआनाऔरआँखेंमूँदलेना
मैंवक़्तकेढ़ेरमेंसेइकलम्हाबनकरतुम्हारेख़्वाबमेंआऊँगा
औरतुमकोअपनेपहलूमेंक़ैदकरके‍
सितारोंपारअपनेघरलेजाऊँगा
  - Sagar Agrawal
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