kuchh kaam gar nahin hai phir ek kaam kijeye | कुछ काम गर नहीं है फिर एक काम कीजे

  - Sagar Sahab Badayuni
कुछकामगरनहींहैफिरएककामकीजे
बोतलगिलासकादोकुछइंतिज़ामकीजे
अबभीबताएँतुमकोक्यानामहैहमारा
महफ़िलमेंगएहैंअबएहतिरामकीजे
करताहूँआपसबकाइसदिलसेशुक्रियामैं
बारीहैआपकीअबमुझकोसलामकीजे
दुनियाखड़ीहुईहैदोज़ख़केरास्तेमें
सारेगुनाहसेअबबसरामरामकीजे
आज़ादकरकेमुझकोबे-दर्दज़िंदगीसे
रस्सीथमाकेमुझकोइकनेककामकीजे
  - Sagar Sahab Badayuni
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