hijr bhi kam na hua jiska bhulaane ke baad | हिज्र भी कम न हुआ जिसका भुलाने के बाद

  - Sagar Sahab Badayuni
हिज्रभीकमहुआजिसकाभुलानेकेबाद
मिलनेआयाहैवहीशख़्सज़मानेकेबाद
ज़िंदारहतेतोयक़ींकरसकामुझपरवो
उसकोआयाभीयक़ींज़हरकोखानेकेबाद
वोमुझेछोड़केभीख़ुशहुआलगताहै
अबकिसीऔरपेनज़रेंहैंफ़लानेकेबाद
उसनेछोड़ीकमीकोईसितमकरनेमें
रहमआयाकभीउसकोसतानेकेबाद
मुझसेेहरचीज़समझलोकेख़फ़ाबैठीहै
कुछभीहासिलहुआउसकोगँवानेकेबाद
आपक्याढूँढनेआएहैंमिरीदुनियामें
कुछनहींबचताकभीघरकोजलानेकेबाद
अहमियतकौनसमझताहैकभीहोनेपर
तूभीसमझेगायक़ीननमिरेजानेकेबाद
  - Sagar Sahab Badayuni
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