dikhaai de to rahi hai bahut haseen mujh ko | दिखाई दे तो रही है बहुत हसीं मुझ को

  - Sabir Aafaque
दिखाईदेतोरहीहैबहुतहसींमुझको
मगरमिलाएगीमिट्टीमेंयेज़मींमुझको
उन्होंनेसिर्फ़मिराएकपहलूदेखाहै
जोजानतेहैंवोपहचानतेनहींमुझको
अगरठहरतातोशायदकुचलदियाजाता
किसीनेरुकनेकोआवाज़ेंख़ूबदींमुझको
वोहाथभीड़मेंछूटासोउसकेजैसामैं
तलाशकरताहूँशायदमिलेयहींमुझको
मिरीतलाशमेंदुनियापड़ीहुईहैदोस्त
जोहोसकेतोछुपादेज़राकहींमुझको
  - Sabir Aafaque
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