baat kya hai ye bataayen to sahi | बात क्या है ये बताएँ तो सही

  - SabeenSaif
बातक्याहैयेबताएँतोसही
गुफ़्तुगूआगेबढ़ाएँतोसही
जानजाएँगेखराखोटाहैक्या
आपमुझकोआज़माएँतोसही
उँगलियाँउट्ठेंगीचारोंआपपर
आपइकउँगलीउठाएँतोसही
बंदा-पर्वरना-उमीदीकुफ़्रहै
इकदियाफिरसेजलाएँतोसही
चाँदतारेमुंतज़िरहैंआपके
आसमाँतकआपजाएँतोसही
वस्लकरदेगाख़िज़ाँकोफ़स्ल-ए-गुल
फूलबालोंमेंलगाएँतोसही
देखिएसुनिएअरेजानेभीदें
आपमेरेसाथआएँतोसही
ख़ुदकोरखकरभूलबैठीहूँकहीं
मैंकहाँहूँकुछबताएँतोसही
आपतोबसघरबनाकररहगए
आपइसघरकोबसाएँतोसही
चुटकियोंमेंभूलजाऊँगीउन्हें
अबमुझेवोयादआएँतोसही
नींदआँखोंसेख़फ़ाहोजाएगी
ख़्वाबपलकोंपरसजाएँतोसही
जानलेलूँगीक़समअल्लाहकी
भूलकरमुझकोभुलाएँतोसही
आज़मानेकेलिएक़िस्मत'सबीन'
दिलकोदावपरलगाएँतोसही
  - SabeenSaif
Share

profile-whatsappprofile-twitterprofile-fbprofile-copy