na ye andaaz na lafzon se bayaañ hoti hai | न ये अंदाज़ न लफ़्ज़ों से बयाँ होती है

  - Sabeen Yunus
येअंदाज़लफ़्ज़ोंसेबयाँहोतीहै
दिलकीहालततोनिगाहोंसेअयाँहोतीहै
हमज़मानेसेजुड़ेहैंतोज़मानाहमसे
हमकोईबातकरेंसबकीज़बाँहोतीहै
कुछतोपिंदार-ए-वफ़ाकाहीभरमरखलेते
बद-गुमानीरह-ए-उल्फ़तमेंगिराँहोतीहै
जिसकोअपनाकहाफिरजानलुटादीउसपर
क़द्रख़ुद-ग़रज़ोंकोपरजाँकीकहाँहोतीहै
रातकेपिछलेपहरखुलतेहैंदफ़्तरदिलके
अपनीआहोंकीसदासुनकेअज़ाँहोतीहै
  - Sabeen Yunus
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