haqeeqaton se nazar chura ke khayal KHvaabon men zinda rahna | हक़ीक़तों से नज़र चुरा के ख़याल ख़्वाबों में ज़िंदा रहना

  - Sabeen Yunus
हक़ीक़तोंसेनज़रचुराकेख़यालख़्वाबोंमेंज़िंदारहना
ज़वालकीदास्तानबनकरफ़क़तकिताबोंमेंज़िंदारहना
ख़ुदअपनेहाथोंसेघरजलाकेफ़ज़ाएँमस्मूमकरकेसारी
झुलसतेदिनऔरतड़पतीरातोंकेफिरअज़ाबोंमेंज़िंदारहना
होंबादा-ओ-जामसामनेगरनहींसलामतजोदस्त-ओ-बाज़ू
तोफिरहैतक़दीरतिश्नगीकेइन्हीसराबोंमेंज़िंदारहना
गिरेहैंकटकेवोपरथीजिनकीउड़ानअपनीफ़ज़ासेआगे
उतरकेउनकोबुलंदियोंसेपड़ाख़राबोंमेंज़िंदारहना
जोअपनीमर्ज़ीकीजम्अ'तफ़रीक़करकेदिलकोलुभारहेहैं
नहींख़बरकिपड़ेगाकैसेकड़ेहिसाबोंमेंज़िंदारहना
  - Sabeen Yunus
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