shaakhon par jab patte hilne lagte hain | शाख़ों पर जब पत्ते हिलने लगते हैं

  - Saba Nusrat
शाख़ोंपरजबपत्तेहिलनेलगतेहैं
आँसूमिरेदिलपेगिरनेलगतेहैं
तुझसेदूरीऔरक़यामतलगतीहै
आपसमेंदोवक़्तजोमिलनेलगतेहैं
दिनतोजैसे-तैसेकटहीजाताहै
रातकोउठउठतारेगिननेलगतेहैं
एकतबस्सुमदेखकेतेरेहोंटोंपर
फूलख़िज़ाँकीरुतमेंखिलनेलगतेहैं
होताहैशानोंपेमहसूसउसकाहाथ
मौसमजबभीरंगबदलनेलगतेहैं
उसकीजबहोजाए'नुसरत'चश्म-ए-करम
चाकगरेबानोंकेसिलनेलगतेहैं
  - Saba Nusrat
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