kabhi sehar se kabhi teergii se shikwa hai | कभी सहरस कभी तीरगी से शिकवा है

  - Saba Alam Shah
कभीसहरसकभीतीरगीसेशिकवाहै
कभीख़ुदासकभीआदमीसेशिकवाहै
ख़ुदअपनीज़ातसेजोआश्नानहींउसको
बसएकअपनेसिवाहरकिसीसेशिकवाहै
मजाज़ीइश्क़किसीकोसुकूँनहींदेता
जिसेभीदेखोउसेदिल-लगीसेशिकवाहै
वफ़ाइसअहद-ए-जफ़ामेंहैइकफ़रेब-ए-नज़र
बिसात-ए-वक़्तकीजादूगरीसेशिकवाहै
करेजोखुलकेअदावतनहींहैउससेगिला
मुनाफ़िक़तसेभरीदोस्तीसेशिकवाहै
सुकून-ए-दिलतोमिलाहैनशात-ए-ज़ीस्तनहीं
क़लंदरोंकायहीआगहीसेशिकवाहै
कोईअमलनहींऐसाख़ुदाकोपेशकरूँँ
'सबा'मुझेमिरीइसबंदगीसेशिकवाहै
  - Saba Alam Shah
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