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Saarthi Baidyanath
main ik nuqta hooñ aur ik lafz ho tum
main ik nuqta hooñ aur ik lafz ho tum | मैं इक नुक़्ता हूँ और इक लफ़्ज़ हो तुम
- Saarthi Baidyanath
मैं
इक
नुक़्ता
हूँ
और
इक
लफ़्ज़
हो
तुम
तुम्हीं
से
ज़िंदगी
पूरी
हुई
है
- Saarthi Baidyanath
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दुख
की
दीमक
अगर
नहीं
लगती
ज़िन्दगी
किस
क़द्र
हसीं
लगती
वस्ल
को
लॉटरी
समझता
हूँ
लॉटरी
रोज़
तो
नहीं
लगती
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Azbar Safeer
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ज़िंदगी
यूँँ
हुई
बसर
तन्हा
क़ाफ़िला
साथ
और
सफ़र
तन्हा
Gulzar
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ज़िंदगी
क्या
किसी
मुफ़लिस
की
क़बा
है
जिस
में
हर
घड़ी
दर्द
के
पैवंद
लगे
जाते
हैं
Faiz Ahmad Faiz
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तेरे
बग़ैर
भी
तो
ग़नीमत
है
ज़िंदगी
ख़ुद
को
गँवा
के
कौन
तेरी
जुस्तुजू
करे
Ahmad Faraz
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तुम
भी
साबित
हुए
कमज़ोर
मुनव्वर
राना
ज़िन्दगी
माँगी
भी
तुमने
तो
दवा
से
माँगी
Munawwar Rana
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अब
ज़िन्दगी
से
कोई
मिरा
वास्ता
नहीं
पर
ख़ुद-कुशी
भी
कोई
सही
रास्ता
नहीं
Rahul
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बस
एक
मोड़
मिरी
ज़िंदगी
में
आया
था
फिर
इस
के
बाद
उलझती
गई
कहानी
मेरी
Abbas Tabish
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जान
भी
अब
दिल
पे
वारी
जाएगी
ये
बला
सर
से
उतारी
जाएगी
एक
पल
तुझ
बिन
गुज़रना
है
कठिन
ज़िन्दगी
कैसे
गुज़ारी
जाएगी
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Anjum Rehbar
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मुझे
चाह
थी
किसी
और
की,
प
मुझे
मिला
कोई
और
है
मेरी
ज़िन्दगी
का
है
और
सच,
मेरे
ख़्वाब
सा
कोई
और
है
तू
क़रीब
था
मेरे
जिस्म
के,
बड़ा
दूर
था
मेरी
रूह
से
तू
मेरे
लिए
मेरे
हमनशीं
कोई
और
था
कोई
और
है
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Avtar Singh Jasser
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हर
एक
काम
है
धोका
हर
एक
काम
है
खेल
कि
ज़िंदगी
में
तमाशा
बहुत
ज़रूरी
है
Khaleel Mamoon
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मेरे
जज़्बात
मेरे
साथ
होते
हैं
मगर
मैं
फिर
भी
जज़्बाती
नहीं
होता
Saarthi Baidyanath
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इश्क़
वालों
को
बुरा
कहना
भी
हुस्न
वालों
की
पज़ीराई
है
Saarthi Baidyanath
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अँधेरे
को
अँधेरा
बोलना
आता
नहीं
तुमको
तो
फिर
ऐ
दोस्त
उजाले
को
उजाला
कैसे
बोलोगे
Saarthi Baidyanath
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फूलों
में
नाज़ुकी
कहाँ
है
अब
थी
कभी
ताज़गी
कहाँ
है
अब
आज
कल
इश्क़
तो
दिखावा
है
आशिक़ी
आशिक़ी
कहाँ
है
अब
शक्ल-सूरत
तो
पहले
जैसी
है
आदमी
आदमी
कहाँ
है
अब
अब
नुमाइश
है
सिर्फ़
चेहरों
की
हुस्न
में
सादगी
कहाँ
है
अब
चाँद
अब
दूधिया
नहीं
दिखता
रात
भी
शबनमी
कहाँ
है
अब
लोग
बाहरस
मुस्कुराते
हैं
यार
सच्ची
हँसी
कहाँ
है
अब
छाँव
भी
बदली
बदली
लगती
है
धूप
भी
धूप
सी
कहाँ
है
अब
जो
समुंदर
को
ढूँढने
निकले
ऐसी
अल्हड़
नदी
कहाँ
है
अब
एक
दीवाना
सा
जो
शाइर
था
हाँ
वो
हाँ
'सारथी'
कहाँ
है
अब
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Saarthi Baidyanath
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हम
अपनी
ज़िन्दगी
के
किरदार
में
जमें
हैं
क़ीमत
नहीं
है
लेकिन
बाज़ार
में
जमें
हैं
Saarthi Baidyanath
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