vo zindagi jo shab-e-intizaar guzri thii | वो ज़िंदगी जो शब-ए-इंतिज़ार गुज़री थी

  - Saadat Nazeer
वोज़िंदगीजोशब-ए-इंतिज़ारगुज़रीथी
तिरेकरमसेबहुतख़ुश-गवारगुज़रीथी
ग़ज़बकिआजवहीदिलहैग़म-कश-ए-दुनिया
निगाह-ए-नाज़भीकलजिसपेबारगुज़रीथी
सुकूँ-नसीबवहीअबहैंजिनकीउम्रकभी
हरीफ़-ए-गर्दिश-ए-लैल-ओ-नहारगुज़रीथी
फ़रेब-ए-नूर-ए-सहरदेगईनिगाहोंको
जोबर्क़रातसर-ए-शाख़-सारगुज़रीथी
ज़मानाआजक़यामतसमझरहाहैजिसे
वहीतोसरसेमिरेबारबारगुज़रीथी
ख़बरहैकिसकोनशेमनकेचारतिनकोंकी
येजानताहूँसबाबे-क़रारगुज़रीथी
जानेक्यूँहैमोहब्बतकोफिरउसीकीतलाश
वोबरहमीजोकभीनागवारगुज़रीथी
'नज़ीर'लाला-ओ-गुलपरनिखारहैअबतक
हैकबकीबातचमनसेबहारगुज़रीथी
  - Saadat Nazeer
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