us but ki zabaan par lo anwar phir aaj tumhaara naam aaya | उस बुत की ज़बाँ पर लो 'अनवर' फिर आज तुम्हारा नाम आया

  - S. Nooruddin Anwar Bhopali
उसबुतकीज़बाँपरलो'अनवर'फिरआजतुम्हारानामआया
क्याजज़्ब-ए-मोहब्बतजागउठाक्याजोश-ए-जुनूँफिरकामआया
लोदेखलोवोनमनाकआँखेंलोसुनलोवोज़ेर-ए-लबआहें
बीमार-ए-हसींकेहोंटोंपरक्याजानिएक्यापैग़ामआया
उनमस्तनिगाहोंनेउठकरफ़ौरनहीपिलादीथोड़ीसी
रिंदोंपेजहाँहुश्यारीकामहफ़िलमेंकोईइल्ज़ामआया
क्याजानिएक्यूँदिलभरआयामालूमनहींक्याबातहुई
फिरएकधुआँसादिलसेउठाजबमेरेलबोंतकजामआया
कुछतुझकोख़बरभीहैज़ालिममस्त-ए-ख़िराम-ए-बे-पर्दा
येख़ाककाज़र्राज़र्राक्यूँदिलबनकेब-ज़ेर-ए-गामआया
देताहूँतसल्लीमैं'अनवर'दिलकोयहीकहकहकरअक्सर
अबनामा-बरआनेवालाहैअबउनकाकोईपैग़ामआया
  - S. Nooruddin Anwar Bhopali
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