dahakne lag ga.e rukhsar-o-lab charaagh ke saath | दहकने लग गए रुख़सार-औ-लब चराग़ के साथ

  - Ruqayyah Maalik
दहकनेलगगएरुख़सार-औ-लबचराग़केसाथ
तोमैंनेताकमेंभरडालीशबचराग़केसाथ
तुम्हारेसाथमुझेदेखकरकहेंगेलोग
हवाकीदोस्तीऐसेग़ज़बचराग़केसाथ
मैंउसकीरोशनीपूरेनगरमेंबांटूँगी
मेरामुआमलाऐसाहैअबचराग़केसाथ
नहींदोस्तअँधेराहमेंभीरासथा
हमारीदुश्मनीहोतीथीतबचराग़केसाथ
हमारीआँखबुझादोमगरख़्यालरहे
जलेंगेख़्वाबतुम्हारेभीसबचराग़केसाथ
  - Ruqayyah Maalik
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