gulshan mile chunne bahut se khaar men | गुलशन मिले चुनने बहुत से ख़ार में

  - Rizwan Khoja "Kalp"
गुलशनमिलेचुननेबहुतसेख़ारमें
डूबादिल-ए-नादाँतिरेहीप्यारमें
अपनीजवानीमेंकमानेगया
मिलताहूँअपनेगाँवसेअख़बारमें
ओछातिरालगनेलगारंग-ए-जहाँ
रंगोंकाकारोबारदेखायारमें
ना-क़ाबिल-ए-एलानथीचाहततिरी
हमज़िक्रकरतेहैतेराअश'आरमें
शाना-ब-शानाहैखड़ेदरपेतिरे
छोटाबड़ाकोईनहींदरबारमें
  - Rizwan Khoja "Kalp"
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