aisa zaroori to nahin | "ऐसा ज़रूरी तो नहीं"

  - Ritesh kumar
"ऐसाज़रूरीतोनहीं"
तुमदिलकीधड़कनहो
मरताहूँतेरीहरअदापर
तूख़ूब-सूरतहीहो
ऐसाज़रूरीतोनहीं
मैंचाहताहूँतुझकोऔर
रहोगीहमेशामेरेदिलमें
बदलेमेंतूभीमुझकोचाहे
ऐसाज़रूरीतोनहीं
दिलनहींलगतातुम्हारेबिना
मानाकिजिक्रनहींकरता
परतुमसेेमोहब्बतहो
ऐसाज़रूरीतोनहीं
बातहोभीजाएफिरभी
तुम्हारीयादबहुतआतीहै
तुमबिछरकरहीयादआओ
ऐसाज़रूरीतोनहीं
एकदिनरचदूँगाइतिहास
तेरीयादोंकेसहारे
तूहरबारसाथहीरहे
ऐसाज़रूरीतोनहीं
  - Ritesh kumar
Share

profile-whatsappprofile-twitterprofile-fbprofile-copy