ख़ुशी से दंग करना है करो फिर ये कहानी में

  - Rishirajsingh Dhirawat
ख़ुशीसेदंगकरनाहैकरोफिरयेकहानीमें
गिरादोग़ैरसेपहनीअँगूठीतेज़पानीमें
तिरीइकमौजपेहोकेनज़रहैदूसरीपेगर
कमीआनेकाख़तराफिररहेगाहीरवानीमें
चमकमेंक़ाफियेकी,रब्तहीतोड़आएमिसरेसे
भुगतनाहीपड़ेगाखामियाज़ाफिरबयानीमें
वोकहतीहैमुझेदेखो,रहोचाहेख़फ़ामुझसेे
मगरलहजायेशामिलहीनहींमेरीज़बानीमें
हमारीदास्तान-ए-इश्क़कोइकशे'रसमझोतुम
अधूरापनजोबाकीथाहुआपूरावोसानीमें
निशानीछोड़ीहैजिसशर्टपे,महफूज़नईंयूँँही
बितायाहमनेइक-इकपलहैउसकीपासबानीमें
अभीतककेसफ़रमेंजोबनेहैंमीलकेपत्थर
जानेहोंगेभीहासिलहमेंवोज़िंदगानीमें?
परिंदाक़ैदमेंहैतोसुनोगेचीखहीउसकी
तरानाख़ुशनुमायादआएकैसेराइगानीमें
  - Rishirajsingh Dhirawat
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