ishq ka zarf aazma to sahi | इश्क़ का ज़र्फ़ आज़मा तो सही

  - Rifat Sultan
इश्क़काज़र्फ़आज़मातोसही
तूनज़रसेनज़रमिलातोसही
मिलहीजाएगाज़िन्दगीकासुराग़
दोस्तोंकेफ़रेबखातोसही
दिलकोतस्कींहोतोमैंज़ामिन
तूकभीमय-कदेमेंतोसही
ज़ीस्तअश्क़ोंमेंढलजाएकहीं
दोस्तइकबारमुस्कुरातोसही
ज़िन्दगीकोसँभालनेवाले
तूकभीपीकेलड़खड़ातोसही
हमहीसमझेमुद्द'आ'रिफ़अत'
उनकीनज़रोंनेकुछकहातोसही
  - Rifat Sultan
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