aziyyaton se nikalne ka mashwara deti | अज़िय्यतों से निकलने का मशवरा देती

  - Rehana Qamar
अज़िय्यतोंसेनिकलनेकामशवरादेती
मैंउसकीथीतोनहींफिरभीहौसलादेती
किसीअज़ाबसेकमतोनहींहैख़ुशरहना
दु'आकेनामपेक्यूँँउसकोबद-दुआ'देती
छुपाभीलेतीमेरेभेदकोअगरबिल-फ़र्ज़
हवाकाक्याहैकोईऔरगुलखिलादेती
बजाकिसहलथाउसकाहम-सफ़रहोना
कम-अज़-कमउसकोपलटनेकारास्तादेती
जोमुझसेइश्क़केक़िस्सेसुनाताफिरताथा
कहींवोमिलतातोमैंउसकोआइनादेती
मेरेख़ुदाकोईमसरफ़तोहोताअश्कोंका
फ़सील-ए-शहरकीतहरीरहीमिटादेती
ख़ुदागवाहकिसरसेझटककेदेखलिया
नहींथाबसमेंवगर्नाउसेभुलादेती
मैंउसकीख़ासइनायतसेबचगईहूँ'क़मर'
वगर्नाख़ल्क़-ए-ख़ुदातोमुझेमिटादेती
  - Rehana Qamar
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