इश्क़काक़िस्सासुनानापड़रहाहै
येहमेंक्याक्यागँवानापड़रहाहै
सोचतेथेबातहोगीहरतरफ़यूँँ
बातकोहीअबदबानापड़रहाहै
हैबहुतजज़्बेहमारेइसदिलमेंपर
औरफिरभीदिलदुखानापड़रहाहै
येभलाकैसीमेरीदुश्वारियाँहैं
पानियोंमेंघरबनानापड़रहाहै
नामकेहिस्सेमेरेबदनामियाँहैं
इसवजहक्याक्याकमानापड़रहाहै