yahaan-wahaan se bikhar raha hooñ ye shaa'irii hai | यहाँ-वहाँ से बिखर रहा हूँ ये शा'इरी है

  - Rauf Raza
यहाँ-वहाँसेबिखररहाहूँयेशा'इरीहै
मैंआजऐलानकररहाहूँयेशा'इरीहै
मैंजानताहूँकिअगलीसीढ़ीपेचाँदहोगा
मैंएकसीढ़ीउतररहाहूँयेशा'इरीहै
ख़ुदासमिलनेकीआरज़ूथीवोबंदगीथी
ख़ुदाकोमहसूसकररहाहूँयेशा'इरीहै
वोकहरहेहैंबुलंदलहजेमेंबातकीजे
मैंहारतस्लीमकररहाहूँयेशा'इरीहै
जोउड़रहीहैतुम्हारेक़दमोंकीदिल-लगीसे
वोरेतआँखोंमेंभररहाहूँयेशा'इरीहै
  - Rauf Raza
Share

profile-whatsappprofile-twitterprofile-fbprofile-copy