phool ke jism pe rang chalne laga | फूल के जिस्म पे रंग चलने लगा

  - Rakesh Mahadiuree
फूलकेजिस्मपेरंगचलनेलगा
रातढलनेलगीदिननिकलनेलगा
ख़ुदाक्यामुहब्बतगुनाहहैबता
आजफिरतेरामौसमबदलनेलगा
जानजाएगीफिररफ़्तारफ़्तामेरी
बूँदगिरनेलगीदिलमचलनेलगा
पुजारीज़राचढ़केमन्दिरसेदेख
चाँदनीरातमेंकौनजलनेलगा
किसकेदिलमेंचुभनउठरहीहैअभी
हिज्रकेतापमेंकौनजलनेलगा
इतनीख़ुशबूकिधरसेचलीरही
बालखोलेहुएकौनचलनेलगा
जबकहाथामुहब्बतमेंमरजाएँगे
मेरीजानफिरक्यूँँबदलनेलगा
  - Rakesh Mahadiuree
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