मुझको आग़ाज-ए-मुहब्बत का सफ़र याद नहीं

  - Rakesh Mahadiuree
मुझकोआग़ाज-ए-मुहब्बतकासफ़रयादनहीं
कैसादिखताथाशब-ए-वस्लक़मरयादनहीं
मुझकोअंजाम-ए-मुहब्बतसेडरातेहोसनम
इतनाघूमाहैमुसाफ़िरकिनगरयादनहीं
आपकहतेहैंतोयेहुक़्मभीतस्लीममगर
शब-ए-फुर्कतमेंभीआईथीसहरयादनहीं
मुझकोएहसासतोयेहैकोईहैसाथमिरे
कौनचलताहैमेरेसाथमगरयादनहीं
मैंतोमसरूफ़-ए-ग़ज़लरहताहूँमैंक्याहीकहूँ
कैसेहोजाताहैशे'रोंमेंअसरयादनहीं
दिलकीबस्तीमेंमुसलसलकोईबसताहीगया
एकदोकीतोमुझेख़ुदभीख़बरयादनहीं
तुमतोकहतेथेकिमरकेभीभूलूँगातुम्हें
तुमको'राकेश'वोबे-कैफ़नज़रयादनहीं
  - Rakesh Mahadiuree
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