mere ishq kii intiha hi nahin hai | मेरे इश्क़ की इंतिहा ही नहीं है

  - Rakesh Mahadiuree
मेरेइश्क़कीइंतिहाहीनहींहै
मियाँयेपूछोकिक्याहीनहींहै
कभीशामकेवक़्तनिकलोसफ़रपे
कभीज़िन्दगीतोजियाहीनहींहै
मेरेहालपरइसतरहहँसनेवाले
तेरेदिलकोअबतकलगाहीनहींहै
कभीदिलकिसीसेलगाकरतोदेखो
तुम्हेंआशिक़ीकापताहीनहींहै
तुम्हेंज़िन्दगीकामज़ाहोगाकैसे
कभीआशिक़ीतोकियाहीनहींहै
मेरेनामसेकाँपजातेहैंपत्थर
मेरापत्थरोंसेभलाहीनहींहै
चलोजाओजाहिलसेपत्थरपुजाओ
बिनाइश्क़मैंनेजियाहीनहींहै
फ़क़तइश्क़हीइश्क़मैंहोगयाहूँ
मेरेहक़मेंमैंतोबचाहीनहींहै
  - Rakesh Mahadiuree
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