जाँन-ए-जाँ एक नज़र शाम के बाद

  - Rakesh Mahadiuree
जाँन-ए-जाँएकनज़रशामकेबाद
मुझकोजानाहैमग़रशामकेबाद
सर्दरातोंकोलिहाफ़ोंसेहैबैर
तुमकोभीहोगीख़बरशामकेबाद
आजफिरदोस्तकहींकोईछला
टूटजातेहैंजिगरशामकेबाद
सर्दरातोंकोभीअँगड़ाईहो
जबहोबे-कैफ़नज़रशामकेबाद
औरइकराततमाशाकरोआज
क्यापताहोहीख़बरशामकेबाद
अबतोमिलनेकाइरादाभीहैनइँ
कितनीडरतीहैनज़रशामकेबाद
औरक्याहोगाअगरहमहीहों
लोगजातेहीहैंघरशामकेबाद
ख़ैरयेमौतमेरेसरसेटली
कितनादिलकशहैनगरशामकेबाद
तूभीदोस्तकभीईदमना
देखलेतूभीक़मरशामकेबाद
दिल-ए-नादाँनहींइतनानहींहै
होहीजातीहैसहरशामकेबाद
  - Rakesh Mahadiuree
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