hamaara dil tumhaare gham se baahar kyuuñ nahin aata | हमारा दिल तुम्हारे ग़म से बाहर क्यूँ नहीं आता

  - Rakesh Mahadiuree
हमारादिलतुम्हारेग़मसेबाहरक्यूँनहींआता
किसीदिनभीजाताहैतोखुलकरक्यूँनहींआता
इसीदिलकोसजानेमेंख़पादीउम्रयेमैंने
येदिलसज्देकेक़ाबिलहैतूझुककरक्यूँनहींआता
मैंक़तराहूँमगरदरियाकाफ़नमालूमहैमुझको
किमेरेदरपेफिरकोईसमुंदरक्यूँनहींआता
तेरीशोहरतनेतुझकोचाहनेवालादियालेकिन
बताबे-वफ़ालड़कीवोलोफ़रक्यूँनहींआता
ख़िज़ाँकेमौसमोंनेकलमुझेसमझाकेयेबोला
अगरघरपासहैउसकेतोमिलकरक्यूँनहींआता
यूँँहँसकरकेकलेजामाँगनाअच्छानहींलेकिन
मेरेअंदरसितमगरहैतोखुलकरक्यूँनहींआता
उसकेपासदौलतहैउसकेपासशोहरतहै
मगरदरपेसिकंदरकेकलंदरक्यूँनहींआता
इसीदिलनेमेरीआँखोंपेआफ़तडालदी'राकेश'
इसीदिलकोचुरानेकोईरहबरक्यूँनहींआता
  - Rakesh Mahadiuree
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