गिर जाए चाहे बिजलियाँ नन्ही सी जान पर

  - Rakesh Mahadiuree
गिरजाएचाहेबिजलियाँनन्हीसीजानपर
काग़ज़कीक़ीमतेंयहाँहैंआसमानपर
रिंदोंकीदेख-रेखमेंयेलड़कापलरहा
इकदिनज़रूरगाएगीउल्फ़तज़बानपर
ज़िंदगीमुझेभीतूपहचानतीनहीं
सज्देकिएहैंमैंनेतेरेइकअज़ानपर
काग़ज़केफूलदोस्तकभीफाड़नानहीं
चाहेकमलखिलातेरहोआसमानपर
दिनभरकाभाग-दौड़भीजादूसाखोगया
उसनेजोउँगलियाँरखींमेरीथकानपर
हमअपनीआगमेंख़ुदाकोजोड़तेनहीं
तुमउड़रहीहोजानअभीकिसगुमानपर
उसओरजारहेहोतोलैलाकोबोलना
मजनूँकासब्रटूटगयाइककिसानपर
क्याहीकरेगाइतनीशरीफ़ोंकीज़िंदगी
राकेशइकनज़रतोउठाइसमकानपर
  - Rakesh Mahadiuree
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