ek hi dhun men din-o-raat jiya karta hai | एक ही धुन में दिन-ओ-रात जिया करता है

  - Rakesh Mahadiuree
एकहीधुनमेंदिन-ओ-रातजियाकरताहै
दिलकेलुटनेकातूमातमहीकियाकरताहै
एकनाकाममुहब्बतमेंबिखरनेवाले
रिंदक्याएकहीबोतलसेपियाकरताहै
इकमुहब्बतनेतेरेकरदिएटुकड़ेटुकड़े
असली'आशिक़तोजफ़ाओंमेंजियाकरताहै
घरमेंअबकुछनहींहैबेचनेकोसाक़ी
ऐसाग्राहकदेकिजोख़्वाबलियाकरताहै
जिसतरहतुमनेमेरेशे'रपेमुस्कायाहै
यारबैठाहोतोहरशख़्सकियाकरताहै
शामहोतीहैतोबे-कैफ़सेहोजातेहो
फूलकोदेखलोकाँटोंमेंजियाकरताहै
  - Rakesh Mahadiuree
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