kinaare par jo milta hai samandar men nahin rehta | किनारे पर जो मिलता है समुंदर में नहीं रहता

  - Raj Tiwari
किनारेपरजोमिलताहैसमुंदरमेंनहींरहता
उसीपरआताहैदिलजोमुकद्दरमेंनहींरहता
कीपहलेएकआईनासजानातोड़देनाफिर
येभीतोइकहुनरहैजोकीशायरमेंनहींरहता
अगरवोहोतेइंसाँतोसमझतेफिरमुहब्बतको
धड़कताहोअगरदिलतोवोपत्थरमेंनहींरहता
मिरेघरआएथेवोचाँदकारिश्तालिएअपने
ज़मींकाफूलतोउसकेबराबरमेंनहींरहता
ख़ुदासकैसेमाँगूमैंमुकद्दरमेंउसेमेरे
किनाराकोईभीहोपरवोसागरमेंनहींरहता
बिनातेरेमैंकैसेबाग़सेतेरेनिकलआऊँ
निकलआताअगरतोमैंमेरेघरमेंनहींरहता
ज़मानायेपरिंदेकोकबउड़नेदेताहैखुलकर
परिंदाउड़गयातोफिरवोपिंजरमेंनहींरहता
कभीआयाथासिलनेकोईटूटाहुआदिलराज
येसीनेकाहुनरकोईरफ़ूगरमेंनहींरहता
  - Raj Tiwari
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