जंगलों में झूमकर बारिश ऎसी आई

  - Rajeev Paritosh
जंगलोंमेंझूमकरबारिशऎसीआई
जंगलोंमेंझूमकरबारिशऎसीआई
कीपत्तो-पत्तोमेंउमंगकाबहारगया
दिलकेउपवनमेंसरगमबजनेलगे
कीअखियोंकेदरिचेमेरायारगया
मौसमहैजवां--फिज़ारंगीनहै
नजारोंकीनज़रभीथोड़ीनमकीनहै
छंदोंमेंघूलकर-लयमेंउतरकर
मेरेगीतोंमेंसाजकाझनकारगया
दिलकेउपवनमेंसरगमबजनेलगे
कीअखियोंकेदरिचेमेरायारगया
तितलियोंसंगहो_मनमेराउड़नेलगा
फूलों-कलियोंकीरंगतहमचुरानेलगे,
मिटगईसारीबेकरारी-खलिश___
इसमदहोशीमेंख़ुदकोहमभूलानेलगे
जंगलोंमेंझूमकरबारिशऎसीआईं
कीपत्तो-पत्तोमेंउमंगकाबहारगया
दिलकेउपवनमेंसरगमबजनेलगे
कीअखियोंकेदरिचेमेरायारगया
  - Rajeev Paritosh
Share

profile-whatsappprofile-twitterprofile-fbprofile-copy