jahaan se bhi guzarti ho wahin KHushboo udaati ho | जहाँ से भी गुज़रती हो वहीं ख़ुशबू उड़ाती हो

  - Raja Singh 'Kaabil'
जहाँसेभीगुज़रतीहोवहींख़ुशबूउड़ातीहो
छिड़कतीहोबदनपरइत्रयाइससेेनहातीहो
तुम्हेंआतानहींशायदसलीक़ाबातकरनेका
ख़ुशीकीबातपरआँसूग़मोंमेंमुस्कुरातीहो
तुम्हारेफोनपरडीपीलगीहैयारयेकिसकी
मुझेतुमदेखतेहीजोइसेपीछेछुपातीहो
तुम्हारादिलमेरेहाथोंसेगिरकरटूटकरबिखरा
दियाहैदोषख़ुदकोऔरमुझेअच्छाबतातीहो
मुझेलगताहैइनहाथोंकोआदतहोगईमेरी
तभीतोग़ैरकेहाथोंकोतुमझटसेहटातीहो
मज़ाआनेलगाहैअबतुम्हेंदिलकेतमाशेमें
तभीतोयेतमाशारोज़सड़कोंपरदिखातीहो
मुझेजैसेइशारेसेबुलायाएककमरेमें
इसीजादूसेबोलोरोज़कितनोंकोबुलातीहो
  - Raja Singh 'Kaabil'
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