जिन से हम छूट गए अब वो जहाँ कैसे हैं

  - Rahi Masoom Raza
जिनसेहमछूटगएअबवोजहाँकैसेहैं
शाख़-ए-गुलकैसीहैख़ुश्बूकेमकाँकैसेहैं
सबातूतोउधरहीसेगुज़रतीहोगी
उसगलीमेंमेरेपैरोंकेनिशाँकैसेहैं
पत्थरोंवालेवोइंसानवोबेहिसदर-ओ-बाम
वोमकींकैसेहैंशीशेकेमकाँकैसेहैं
कहींशबनमकेशगूफ़ेकहींअंगारोंकेफूल
केदेखोमेरीयादोंकेजहाँकैसेहैं
कोईज़ंजीरनहींलायक़-ए-इज़हार-ए-जुनूँ
अबवोज़िंदानी-ए-अंदाज़-ए-बयाँकैसेहैं
लेकेघरसेजोनिकलतेथेजुनूँकीमशअल
इसज़मानेमेंवोसाहब-नज़राँकैसेहैं
यादजिनकीहमेंजीनेभीदेगी'राही'
दुश्मन-ए-जाँवोमसीहा-नफ़साँकैसेहैं
  - Rahi Masoom Raza
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