purane daanv par har din naye aañsu lagata hai | पुराने दाँव पर हर दिन नए आँसू लगाता है

  - Rahat Indori
पुरानेदाँवपरहरदिननएआँसूलगाताहै
वोअबभीइकफटेरूमालपरख़ुश्बूलगाताहै
उसेकहदोकियेऊँचाइयाँमुश्किलसेमिलतीहैं
वोसूरजकेसफ़रमेंमोमकेबाज़ूलगाताहै
मैंकालीरातकेतेज़ाबसेसूरजबनाताहूँ
मिरीचादरमेंयेपैवंदइकजुगनूलगाताहै
यहाँलछमनकीरेखाहैसीताहैमगरफिरभी
बहुतफेरेहमारेघरकेइकसाधूलगाताहै
नमाज़ेंमुस्तक़िलपहचानबनजातीहैचेहरोंकी
तिलकजिसतरहमाथेपरकोईहिन्दूलगाताहै
जानेयेअनोखाफ़र्क़इसमेंकिसतरहआया
वोअबकॉलरमेंफूलोंकीजगहबिच्छूलगाताहै
अँधेरेऔरउजालेमेंयेसमझौताज़रूरीहै
निशानेहमलगातेहैंठिकानेतूलगाताहै
  - Rahat Indori
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