jitne apne the sab paraaye the | जितने अपने थे सब पराए थे

  - Rahat Indori
जितनेअपनेथेसबपराएथे
हमहवाकोगलेलगाएथे
जितनीक़स
मेंथीसबथींशर्मिंदा
जितनेवादेथेसरझुकाएथे
जितनेआँसूथेसबथेबेगाने
जितनेमेहमाँथेबिनबुलाएथे
सबकिताबेंपढ़ीपढ़ाईथीं
सारेक़िस्सेसुनेसुनाएथे
एकबंजरज़मींकेसीनेमें
मैंनेकुछआसमाँउगाएथे
वरनाऔक़ातक्याथीसायोंकी
धूपनेहौसलेबढ़ाएथे
सिर्फ़दोघूँटप्यासकीख़ातिर
उम्रभरधूपमेंनहाएथे
हाशिएपरखड़ेहुएहैंहम
हमनेख़ुदहाशिएबनाएथे
मैंअकेलाउदासबैठाथा
शामनेक़हक़हेलगाएथे
हैग़लतउसकोबे-वफ़ाकहना
हमकहाँकेधुलेधुलाएथे
आजकाँटोंभरामुक़द्दरहै
हमनेगुलभीबहुतखिलाएथे
  - Rahat Indori
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