phool ikhlaas ke honton pe sajaane vaala | फूल इख़्लास के होंटों पे सजाने वाला

  - Rafiq Usmani
फूलइख़्लासकेहोंटोंपेसजानेवाला
मैंहूँदुश्मनकोभीसीनेसेलगानेवाला
जाकेपरदेसमिरेघरकापताभूलगया
अपनाबचपनमिरेआँगनमेंबितानेवाला
उसकीयादोंकोकलेजेसेलगाएरखिए
अबआएगाकभीलौटकेजानेवाला
मेरेदुश्मनतुझेमालूमनहींहैशायद
मारनेवालेसेबढ़करहैबचानेवाला
कैसेकरतामैंशिकायतभीकिसीकीयारो
मेराअपनाहीथादिलमेरादुखानेवाला
ऐसेबिछड़ाकिख़यालोंमेंभीआया'रफ़ीक़'
कितनाख़ुद्दारथावोरूठकेजानेवाला
  - Rafiq Usmani
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