jun bhi jo renagne nahin deti thii kaan par | जूँ भी जो रेंगने नहीं देती थी कान पर

  - Raees Baghi
जूँभीजोरेंगनेनहींदेतीथीकानपर
कालकलगाकेछोड़गईख़ानदानपर
माइलहैंज़ेहन-ओ-फ़िक्रजोऊँचीउड़ानपर
यूँँपाँवहैंज़मींपेनज़रआसमानपर
आरामसेहैंऊँचीइमारातकेमकीं
पत्थरबरसरहेहैंशिकस्ता-मकानपर
अर्ज़ां-फ़रोशपरनहींउठतीनज़रकोई
रहतीहैभीड़शहरकीमहँगीदुकानपर
जैसेबदनमेंजानहीबाक़ीनहींरही
महसूसहोरहाहैसफ़रकीतकानपर
बिफरेसमुंदरोंपेबरसताचलागया
आयाअब्रधूपमेंतपतेमकानपर
दिलरेज़ारेज़ाहैतोजिगरहैलहूलहू
कैसीबनीहुईहैमोहब्बतकीजानपर
हाँरहरवोमिलेगीतुम्हेंमंज़िल-ए-हयात
चलतेरहोहमारेक़दमकेनिशानपर
ख़ुद्दारी-ए-जमालगवाराकरसकी
उसनेमसलकेफेंकदियाफूललॉनपर
'बाग़ी'भटकरहाहूँमैंसहरा-ए-शौक़में
क्यानक़्शउसनेलिखकेखिलायाथापानपर
  - Raees Baghi
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