lagta hai is jahaan ki ab khairiyat nahin hai | लगता है इस जहाँ की अब ख़ैरियत नहीं है

  - Rachit Sonkar
लगताहैइसजहाँकीअबख़ैरियतनहींहै
मासूममेंभीअबतोमासूमियतनहींहै
फ़ुर्सतकोहोगईहैफ़ुर्सतज़मानेभरसे
मसरूफ़ियतकोभीअबमसरूफ़ियतनहींहै
अबऔरकितनानीचेगिरसकतीहैयेदुनिया
इंसानहैसभीपरइंसानियतनहींहै
रिश्तेहीखारहेहैरिश्तोकीअहमियतको
औरआपकहरहेहैहैवानियतनहींहै
देखोजिधर,उधरहैनफ़रतकाबोल-बाला
दुनियामेंअबमोहब्बतकीअहमियतनहींहै
अंदरसुलगरहेहैबीतेदिनोंकेलश्कर
दिलभीधुआँ-धुआँहैकुछख़ैरियतनहींहै
  - Rachit Sonkar
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