is zamaane ke farebon se bacha koi na tha | इस ज़माने के फ़रेबों से बचा कोई न था

  - Raazdan Raaz
इसज़मानेकेफ़रेबोंसेबचाकोईथा
मंज़िलेंथींसामनेपररास्ताकोईथा
ज़िंदगीमेंजोमिलेअच्छेलगेअपनेलगे
मैंतोसबकाहोगयालेकिनमिराकोईथा
किसक़दरबचकरचलामैंकितनाआहिस्ताचला
मुड़केजबदेखातोअपनानक़्श-ए-पाकोईथा
ग़मसेसबहारेहुएथेज़िंदगीकीदौड़में
सूरमाभीथेमगरजीताहुआकोईथा
रातकुछऐसालगाजैसेसहरसीहोगई
इकदियाबसजलरहाथाबोलताकोईथा
'राज़'थेअहबाबअपनेदोस्तऔरमहबूबभी
जोनिभाताएकरिश्तादर्दकाकोईथा
  - Raazdan Raaz
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